महिला उत्थान मंडल की सेवा-प्रणाली :-

महिला उत्थान मंडल नारी समाज के बहुमुखी विकास हेतु निरंतर कार्यरत हैं | नीचे इसके सेवाकार्यों की संक्षिप्त जानकारी दी गयी हैं | प्रत्येक मंडल का कर्त्यव्य हैं कि वह अपने सेवाक्षेत्र में इन सेवाकार्यों को सुचारू रूप से चलाये अथवा शीघ्रता से कार्यान्वित करे |

१. युवती संस्कार सभाओं का आयोजन :


देश भर में १७ से ४० वर्ष की उम्रवाली युवतियों महिलाओं के सर्वांगीण विकास हेतु हर रविवार को युवती संस्कार सभाओं का आयोजन किया जाता है | आप भी अपने क्षेत्र में इनका आयोजन करे |


2. नारी जागृति अभियान :

विद्यालय –महाविद्यालयों में जाकर छात्राओं-युवतियों को तेजस्वी बनाने, उनकी प्रतिभा जगाने के साथ ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में वे सफल हों तथा उनकी आंतरिक शक्तियों का विकास हो, इस हेतु कार्यक्रमों का आयोजन करना |


3.  
‘ओजस्वी युवती शिविर’ का आयोजन :

 


  महिलाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व आध्यात्मिक विकास के लिए समय – समय पर देश के विभिन्न भागों में ओजस्वी युवती शिविरों का आयोजन किया जाता हैं | अपने – अपने क्षेत्र में शिविरों का आयोजन करवायें | इस हेतु पहले मुख्यालय को सूचित करे |



4.  ‘भ्रूणहत्या (गर्भपात) रोको’ अभियान :

भ्रूणहत्या, मातृशक्ति का घोर अपमान हैं | इस बढ़ते महापाप को रोकने हेतु अस्पतालों व प्रसूतिगृहों में जाकर तथा सामूहिक स्थलों में अभियान चलाकर लोगों को भ्रूणहत्या की हानियों के बारे में अवगत कराना |  



5.    दिव्य शिशु संस्कार :

वर्तमान समय में देश को संस्कारी बालकों की आवश्यकता हैं | बालक में संस्कारों की नीव माँ के गर्भ से ही पड़ जाती हैं | अत: गर्भस्थ शिशु को सुसंस्कारी बनाने तथा उसके उचित पालन पोषण की जानकारी देने हेतु गर्भवती माताओं के लिए विशेष बैठकों का आयोजन करना |



6.  एड्स निर्मूलन अभियान :

अनधिकृत स्वच्छंदता के दुष्परिणाम समझाना तथा संयम – शिक्षा द्वारा एड्स से रक्षा का व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्तर पर प्रयास करना |
 

7.    भक्ति जागृती अभियान :

भगवन्नाम – जप, कीर्तन की महिमा बताकर भजन मंडलियाँ बनाना और सप्ताह में एक बार भजन – कीर्तन कार्यक्रम व प्रभात – फेरियों का आयोजन करना | पर्वों व शुभ कार्यों के अवसरों पर भी जगह – जगह जाकर कीर्तन एवं जप करना - कराना |

   
8.    ग्रंथालय – सेवा :

ग्रंथालय में युवा बहनों के लिए उपयोगी, आश्रम द्वारा प्रकाशित सत्साहित्य, ऑडियो कैसेट, वी.सी.डी., एम,पी.थ्री. व डी.वी.डी. के साथ पौराणिक ग्रंथ भी  रखना तथा आश्रम द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘ऋषि प्रसाद’ व मासिक समाचार पत्र ‘लोक कल्याण सेतु’ के अधिक – से – अधिक अंकों का संग्रह रखना | इस ग्रंथालय की सामग्री का लाभ संस्कार सभा की बहनों के साथ अन्य बहनों को भी मिले, इसका विशेष ध्यान रखना |


9.  
दरिद्रनारायणों की सेवा : 

 


गरीब बच्चों और आर्थिक व नौतिक रूप से पिछड़े नारी वर्ग में  संस्कार –सिंचन करना और भगवन्नाम –जप करवाना, तत्पश्चात भोजन – प्रसाद वितरण करना | यदि कोई सदस्या वैद्य है तो उनके सहयोग से गरीब, पिछडे इलाकों एवं आदिवाशी क्षेत्रों में ‘नि:शुल्क चिकित्सा शिविर’ लगाना तथा महिला उत्थान मंडल के अन्य सेवाकार्यों से भी उन्हें लाभान्वित कराना |



10.     प्रसूतिगृहों, अनाथालयों में सेवा :

  • प्रसूतिगृहों में सुखपूर्वक प्रसव के सरल उपाय बताना, नवजात शिशु में उत्तम संस्कारों के सिंचन हेतु जानकारी देना | प्रसूतिगृह में शिशु एवं माता के लिए स्वास्थ्यप्रद आध्यात्मिक स्पदंनों से समृद्ध  वातावरण कैसे बनायें – इसकी जानकारी देना | प्रसूति के बाद नवजात शिशु का स्वागत कैसे किया जाय – इसकी विधि बताना |
  •  अस्पतालों के रोगियों में फल, दूध, सत्साहित्य आदि का वितरण करना |
  •  अनाथालयों में कपडे, मिठाई, फल आदि बाँटना और वहाँ के बच्चों को बालभक्तों की कथाएँ सुनाकर महान बनने की प्रेरणा देना | भगवन्नाम-जप तथा भगवद्भक्ति का महत्व बताना |

 
11.  
कैदी उत्थान कार्यक्रम :

 


  कैदियों को भारतीय संस्कृति की महिमा बताते हुए उन्नत जीवन जीने के लिए प्रेरित करना तथा जेलों में रक्षाबंधन जैसे पर्वो पर मधुर प्रसाद एवं सत्साहित्य  वितरण करना |


12.    व्यसनमुक्ति अभियान :

युवतियों मे शराब, धूम्रपान आदि व्यसनों की बढ़ती लत पर रोक लगाने के लिए उन्हें इससे होनेवाली हानियों से अवगत कराना तथा व्यसन छोड़ने के उपाय बताकर उन्हें संकल्प दिलवाना |

13.    वृक्षारोपण –

प्रकृति की सुरक्षा : समाज को वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए तुलसी, नीम, आँवला व पीपल जैसे पवित्र एवं बहुउपयोगी वृक्षों के लाभ बताना तथा उनके  हेतु सभी को प्रेरित करना |  



14.   
गौ-रक्षण अभियान : 

 


समाज को गौ-रक्षा हेतु जागृत करना, जिससे बड़ी संख्या में  होनेवाली गौ-हत्याओं को रोका जा सके | गौ से प्राप्त पदार्थो की महिमा बताकर उनका  प्रचार करना |