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divya shishu sanskar
8/10/2012 2:58:00 AM
DSS-Amd-2
7/15/2012 5:48:00 AM
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7/15/2012 4:31:00 AM


आदर्श संतान कैसे हो ?

आदर्श संतान कैसे हो ?

बहुत सी माताएँ-बहनें अपने सरल स्वभाव से यह समझ लेती हैं कि भक्त सन्तान को जन्म देना हमारे वश की बात नहीं किंतु ऐसी धारणा कभी नहीं करनी चाहिए।
माताओं बहनों से यही कहना है कि जब आप मासिक रजोधर्म के बाद शुद्धि का स्नान करें, तब प्रभु से इस प्रकार प्रार्थना करें कि 'हे प्रभो ! कुल को उज्जवल करने वाला एवं जगत का उद्धार करने वाला, भगवान का प्यारा, भक्त संतान दो। हे प्रभो ! आपकी कृपा से जो भी संतान होगी, वह आपकी प्यारी भक्त संतान ही होगी।' सच्चे हृदय से जो प्रार्थना की जाती है भगवान उसे पूरी करते हैं।
वृद्धा माताओं से कहना है कि वे भी इस प्रकार का भाव रखें कि हमारी प्यारी पुत्रवधु एवं पुत्री से जो भी संतान हो, वह संत भक्त ही जन्मे। इसी के साथ वृद्धा माताओं को उचित है कि अपनी सगर्भा बहू एवं पुत्रियों का आदर करें, उनका प्यार से पालन करें, भेदभाव का बर्ताव न करें,  और तिरस्कार भी न करें। उनके रहन-सहन, भोजन एवं आचरणों में अशुद्धि भी न आने दें, पवित्र वातावरण रखें। संसार में भक्त जन्में – इस दृष्टि से संत महात्माओं ने भी सगर्भा बहनों का रक्षण-शिक्षण और पोषण भी किया है।



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