यह "महिला उत्थान मंडल, संत श्री आशारामजी आश्रम के लिए अधिकारिक वेबसाइट है | ‘महिला उत्थान मंडल’ की स्थापना १५ जुलाई २०१० को पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के शुभ आशीर्वाद से हुई |
नारी समाज को पुनः अपनी महिमा से अवगत कराने, सर्वांगीण विकास हेतु उसका मार्गदर्शन करने तथा मनुष्य जीवन के वास्तविक लक्ष्य भगवत्प्राप्ति के प्रति सजग करने के लिए विश्ववंदनीय ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में ‘महिला उत्थान मंडल’ का गठन किया गया है |

महिला उत्थान मंडल मुख्यालय,
श्री योग वेदांत सेवा समिति,
संत श्री आशारामजी आश्रम, अहम
दाबाद – ३८०००५
दूरभाषः ०७९ – ३९८७७७८८, ०७९ – २७५०५०१० – ११
ई – मेल :
mum@ashram.org

 

उद्देश्य :-

(१) युवतियों एवं महिलाओं का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक - सर्वांगीण विकास |
(२) उनके माध्यम से उनके बच्चों में सुसंस्कारों का सिंचन एवं उन्नत भावी पीढ़ी का निर्माण |
(३) नारियों को पारिवारिक उन्नति का मार्गदर्शन देकर सुन्दर समाज का निर्माण |
(४) भारतीय संस्कृति की सर्वहितकारी परम्पराओं का वैज्ञानिक आधार बताकर उन्हें अपनाने व  प्रचारित करने का पथ प्रदर्शन करना |
(५) पारिवारिक स्वास्थ्य के लिये मंत्र जप, योग एवं आयुर्वेद की सरल कुंजियों की जानकारी  देना |
(६) उन्हें सफलता के सूत्र बताकर उनके जीवन को सुनियोजित ढंग से उन्नति के पथ पर अग्रसर करना |
(७) भ्रूण ह्त्या, दहेज़, नशाखोरी, विवाह-विच्छेद (तलाक) जैसी सामाजिक कुरीतियों से लोहा लेने का आत्मबल उनमे जगाना |
(८) नारियों की समस्याओं के निवारण हेतु चर्चासत्र व मार्गदर्शन |
(९) युवतियों को आधुनिकीकरण (मोडर्नइजेशन),फैशन आदि की अंधी दौड़ से बचाकर सत्संग, सत्साहित्य के द्वारा उनकी मनोवृत्ति को सही दिशा  देना, तेजस्वी-ओजस्वी जीवन का मार्ग बताना |
(१०) निष्काम भाव से सेवा करते हुये महिलाओं की सर्वागीण
उन्नति कर उन्हें जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य भगवत प्राप्ति की ओर ले जाना |
(११) हर नारी अपने घर को सुसंस्कारो से सुसज्जित करके संस्कृति ज्ञान-दीप जलाकर सुख-शांति से प्रकाशित करे, इस हेतु उसे प्रेरित करना |
(१२) शास्त्रों में माँ को बालकों का प्रथम गुरु बताया गया है | उक्त वचनों को चरितार्थ करने के लिये महिलों को अग्रसर करना |