महिला उत्थान मंडल की संरचना Minimize

महिला उत्थान मंडल के सेवाक्षेत्र को तीन स्तरों पर विभाजित किया गया है :

१. केन्द्रीय महिला उत्थान मंडल :
महिला उत्थान मंडल का मुख्यालय केन्द्रीय महिला उत्थान मंडल के नाम से जाना जायेगा | पूरे विश्व में चल रहे सभी महिला उत्थान मंडलों की गतिविधियों का संचालन महिला उत्थान मंडल मुख्यालय, अखिल भारतीय श्री योग वेदांत सेवा समिति, संत श्री आशारामजी  आश्रम, अहमदाबाद से होगा |

२. राज्यप्रमुख महिला मंडल :
केंद्रीय महिला मंडल द्वारा राज्य के सभी क्षेत्रीय महिला मंडलों में से किसी एक मंडल को 'राज्यप्रमुख महिला मंडल’ के रूप में चुना जायेगा, राज्यप्रमुख महिला मंडल का नाम इस प्रकार रहेगा |

जैसे: महिला उत्थान मंडल, पंजाब

३. क्षेत्रीय महिला उत्थान मंडल :
केंद्रीय महिला मंडल द्वारा सदस्यता प्राप्त बहनों द्वारा देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 'केंद्रीय महिला मंडल के निर्देशानुसार जीन महिलो का संचालन होगा, उन्हें  'क्षेत्रीय महिला मंडल' का नाम दिया जायेगा | क्षेत्रीय महिला मंडल के नाम ग्राम / शहर के नाम पर रहेंगे |

जैसे: महिला उत्थान मंडल, रायपुर


'क्षेत्रीय महिला उत्थान मंडल' के नियम :- Minimize

'क्षेत्रीय महिला उत्थान मंडल' के नियम :-

(१) पूज्य बापूजी से मंत्र दीक्षित महिलों द्वारा 'महिला उत्थान मंडल' का संचालन होगा |
(२) 'क्षेत्रीय महिला उत्थान मंडल' की सदस्यता ग्रहण करते समय सदस्यता शुल्क रु. १० /- होगा | शुल्क
जमा करने पर अस्थायी पहचान -पत्र दिया जायेगा |
(३) सदस्या को १० साप्ताहिक सभाओं में उपस्थित रहने पर महिला मंडल द्वारा स्थायी पहचान-पत्र प्राप्त  होगा |
(४) क्षेत्रीय महिला उत्थान मंडल को प्रत्येक सदस्या से यह निवेदन है की मंडल के लोक मांगल्यकारी  सेवाकार्यों में तत्परता से लगकर स्वयं भी आत्मसंतोष  पाये,साथ ही अन्य महिलाओं को भी मंडल से जोड़कर सेवा-संजीवनी का लाभ दिलाने का दैवी कार्य करे |
(५) जिन बहनों को पूज्यश्री से मंत्र दीक्षा नहीं मीली हो, उन्हें भी युवती संस्कार सभा में प्रवेश (सेवा) मिल  सकता है | यदि वे स्थायी सदस्यता प्राप्त करना चाहती  है तो मंत्रदीक्षा लेकर स्थायी सदस्यता प्राप्त कर सकती है |
(६) स्थानीय आश्रम, समिती द्वारा मनाये जानेवाले उस्तव, पर्व अलग से न मनाये, अपितु महिला  उत्थान मंडल के सदस्य समिती /आश्रम की सम्मति से अपनी सेवाएं सुनिश्चित करके उस्तव,पर्व आदि के आयोजनों में उत्साहपूर्वक सहभागी बने | मंडल में होनेवाले सेवाकार्य यदि अन्यत्र हो रहे हो या होनेवाले हों तो  इसकी पूर्वसूचना स्थानीय आश्रम में अवश्य दे ताकि उन्हें आवश्यकतानुसार सहायता    प्राप्त हो सके |
(७) यदि महिला उत्थान मंडल की महिलायें 'बालसंस्कार केंद्र, ऋषिप्रसाद, लोक कल्याण सेतु' आदि       सेवाओं से जुडी है तो उन सेवाओं को और अधिक उत्साह  एवं तत्परता से करे |
(८) महिला उत्थान मंडल की सेवा-प्रणाली में दिये गये सेवाकार्यों को सुचारू रूप से करे | उससे पूर्व      स्थानीय समिती,आश्रम को सूचना देकर उनसे विचार-विमर्श  करे |
(९) जैसा साहित्य हम पढ़ते है, वैसे ही विचार मन के भीतर चलते रहते है और उन्ही से हमारा सारा व्यवहार प्रभावित होता है बहनों को सत्साहित्य पठन का लाभ  मिले इस उद्देश की पूर्ति हेतु महिला मंडल में ग्रंथालय सेवा को शामिल किया है 'युवती संस्कार सभा' में नियमित रूप से उपस्थित रहनेवाली महिलाओं को   ग्रंथालय की सुविधा और सदस्यता प्राप्त  होगी | सदस्यों द्वारा ग्रंथालय की नियमावली का पालन अनिवार्य होगा |
 
ग्रंथालय की नियमावली :
साहित्य व सी.डी. आदि के लेन-देन हेतु एक रजिस्टर बनाये | ग्रंथालय का मासिक शुल्क रु. १०/- रहेगा | जो महीने की प्रथम 'संस्कार सभा' में भरना आवश्यक होगा | सभी बहने एक समय में दो पुस्तक व एक सी.डी. अथवा दो सी.डी. व एक पुस्तक १४ दिन के लिये घर ले जा सकेगी | पुस्तक या सी.डी. १४ वे दिन जमा न होनेपर प्रतिदिन रु. १/- व प्रति सी.डी. रु. ३/- विलम्ब शुल्क रहेगा |
पुस्तक व सी.डी. खो जाने या ख़राब होने पर सदस्य को उसका पूरा मूल्य चुकाना होगा | साहित्य,सी.डी. आदि ला लेन-देन संस्कार सभा की पूर्णाहुति के बाद करे |ग्रंथालय से सामग्री लेने वाले युवक साहित्य, सी. डी. आदि का स्वयं भी लाभ लें व औरों को भी दिलाये |

(१०) महिला उत्थान मंडल की सदस्या द्वारा उसके व्यक्तिगत जीवन में यदि कोई गैरकानूनी कार्य        होता है तो उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी | इसकी  जिम्मेदार वे स्वयं ही होगी |
(११) महिला उत्थान मंडल के विषय में परामर्श, सुझाव, समस्या-निवारण हेतु इसकी सदस्याएं पत्र-व्यवहार,दूरभाष, ई-मेल आदि द्वारा मुख्यालय का संपर्क  अवश्य करे |
(१२) 'महिला उत्थान सम्मेंलन' में सहभागी बनकर अपने क्षेत्रीय महिला मंडल का गौरव बढ़ाये |
(१३) अपने क्षेत्रीय महिला मंडल को राज्य प्रमुख महिला मंडल बनाने हेतु सभी बहने सदैव उत्साही व प्रयत्नशील रहे |
(१४) प्रत्येक कार्य सामंजस्य एवं शांतिपूर्ण ढंग से करे | विवाद को कभी स्थान न दे | यदि हो तो मुख्यालय द्वारा उचित मार्गदर्शन प्राप्त करे |
(१५) परस्पर शिष्टाचार पूर्वक रहे |
(१६) मुख्यालय द्वारा दिये जानेवाले निर्दर्शो का पालन करना सभी सदस्यों के लिये अनिवार्य   होगा |
(१७) किसी भी प्रकार के मामले में संपूर्ण जाँच ले उपरांत मुख्यालय द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा |


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