कैदी उत्थान कार्यक्रम

रक्षाबंधन का पर्व पवित्र प्रेम का पर्व है । शुभ संकल्पों के आदान-प्रदान का पर्व है । इस शुभ दिन को अपने कुटुंब-समाज तक ही सीमित न रखते हुए मानवता के दृष्टिकोण से और व्यापकता प्रदान करने के उद्देश्य से महिला उत्थान मंडल इसे समाज के अन्य वर्ग में जाकर मनाता है । इस पर्व के निमित्त कैदी भाई-बहनों के प्रति सद्भाव व मंगलकामना करते हुए महिला उत्थान मंडल की बहनों द्वारा देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कई वर्षों से जेलों में जाकर शास्त्रोक्त रीति से बनाया गया वैदिक रक्षासूत्र बाँधने का कार्यक्रम किया जाता रहा है, जिसके बहुत सुंदर व सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं । कैदी भाई-बहनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ते हुए ऐसा संकल्प किया जाता है कि उनमें सकारात्मक मानस परिवर्तन हो, वे भविष्य में सत्मार्ग पर अग्रसर होते हुए समाज में अपना कर्तव्य निभायें एवं एक प्रमाणिक नागरिक की तरह जीवनयापन करें । साथ ही उन्हें सत्संग-श्रवण व भगवन्नाम कीर्तन कराकर सत्साहित्य तथा फल-मिठाई आदि भी प्रसाद रूप में दिया जाता है । इस दिन बाँधा जानेवाला रक्षासूत्र मात्र एक धागा नहीं बल्कि शुभ भावनाओं व शुभ संकल्पों का पुंज है । यह सूत्र यदि वैदिक रीति से बनाकर भगवद्भाव व शुभ संकल्पों सहित बाँधा जाय तो इसका सामर्थ्य असीम हो जाता है । 

Prisoners Upliftment